पधारो!
खम्माघण्णी, जय माताजी की, आपका "इंटरनेशनल राजपूत वर वधु" के ब्लॉग और वेबसाइट www.internationalrajputvarvadhu.com पर आपका हार्दिक स्वागत हैं। आज का समय ऑनलाइन का हैं। अतः अंतराष्ट्रीय राजपूत समाज के बच्चो की उम्र जब शादी लायक हो जाती है। जब शादी के लिए योग्य रिश्ते नही मिलते हैं तब बड़ी चिंता का विषय हो जाता हैं। रिश्ते अक्षर जान पहचान से होते हैं।लेकिन आज विश्व जब एक हो गया हैं। जब काम की तलाश में परिवार देश और विदेश में जाकर बस जाते हैं। काम नॉकरी या व्यापार के कारण वर्षो बीत जाते हैं। अपने पराये हो जाते हैं। जीवन मे बच्चो के रिश्ते बड़ी उलझन हैं। कैसा लड़का चाहिए कैसी लड़की चाहिए। कैसा घर और कैसा परिवार। कैसा खानदान और कैसे संस्करों वाला परिवार। लड़की सुखी रहेगी या नही। लड़का योग्य होगा या नही। लड़की के पालन पोषण में कैसे होगा। पिता और माता को तो मानो जीवन ही थम जाता हैं। लड़का तो शादी के बाद अपने घर रहता हैं। लेकिन लड़की को जब माँ बाप पराये घर विदा करते हैं। तो कालेज मुख को आता हैं। लड़की वास्तव में कलेजे का टुकड़ा ह...